9 जून 1964: कैसे लाल बहादुर शास्त्री बने प्रधानमंत्री, नेहरू के बाद लोकतंत्र ने ली नई करवट

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27 मई 1964 को पंडित जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद पूरा देश और दुनिया एक ही सवाल पूछ रही थी. ‘नेहरू के बाद कौन?’ भारतीय लोकतंत्र की सबसे कठिन परीक्षा के बीच कांग्रेस अध्यक्ष के कामराज ने एक गुप्त रायशुमारी कराई, जिसने सत्ता संघर्ष की आशंकाओं को खत्म कर दिया. भारी बहुमत लाल बहादुर शास्त्री के पक्ष में आया और 9 जून 1964 को उन्होंने भारत के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. जानिए कैसे शास्त्री जी का चयन भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता, सहमति की राजनीति और शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण का ऐतिहासिक उदाहरण बन गया.   Read More ...

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