मानसून में क्यों बदल जाती है ग्रामीण रसोई? जानिए दाल-बाटी से कढ़ी तक मारवाड़ के पारंपरिक स्वाद की खास वजह
Jalore News: मानसून के मौसम में राजस्थान, खासकर मारवाड़ के ग्रामीण इलाकों की रसोई का स्वाद बदल जाता है. खेतों में ताजी सब्जियों की उपलब्धता कम होने पर लोग फिर से पारंपरिक देसी व्यंजनों की ओर लौटते हैं. दाल-बाटी, राजस्थानी कढ़ी, गट्टे की सब्जी, बाजरे की रोटी, लहसुन की चटनी और अन्य पारंपरिक पकवान इस मौसम में खास पसंद किए जाते हैं. ये व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि मौसम के अनुरूप पौष्टिक और ऊर्जा देने वाले भी माने जाते हैं. मानसून के दौरान ग्रामीण रसोई में लौटता यह पारंपरिक जायका राजस्थान की समृद्ध खानपान संस्कृति और लोकजीवन की अनूठी पहचान को दर्शाता है. Read More ...
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21-07-26 09:07:01am
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