सुप्रीम कोर्ट के किस रवैये से बढ़ रहे अपराध? जस्टिस दीपांकर दत्ता ने खोला राज, कहा- सीमा तय करनी होगी

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Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने और दोषियों की समय से पहले रिहाई के मामलों पर सख्त टिप्पणी की है. 8 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा कि अदालतों के माफ करने के रवैये की भी एक सीमा होनी चाहिए. उन्होंने एक ऐसे मामले का उदाहरण दिया, जिसमें अपनी बड़ी बेटी से रेप और उसकी हत्या के दोषी व्यक्ति ने पैरोल पर बाहर आने के बाद अपनी पत्नी की भी हत्या कर दी थी. जस्टिस दत्ता ने कहा कि बदलते समय में अपराधों से निपटने के लिए इस रवैये पर विचार करने की जरूरत है.   Read More ...

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