Video: न डंडा, न झंडा...बस 10 बक्से और बन गए लखपति! मक्खियों ने बदली किसान की तकदीर

Image credit: Internet

Success Story: बिहार के छपरा में पारंपरिक खेती अब केवल गुजारे का साधन नहीं, बल्कि मुनाफे का बिजनेस बन गई है. यहां के युवा किसान नकदी फसलों और उन्नत पशुपालन के साथ-साथ अब मधुमक्खी पालन को अपनाकर नीली क्रांति के बाद मीठी क्रांति की इबारत लिख रहे हैं. इस व्यवसाय की सबसे बड़ी खूबी सरकार की ओर से मिलने वाला बंपर अनुदान है. शुरुआती चरण में किसानों को मधुमक्खी के बक्से निशुल्क दिए जाते हैं. छपरा के मांझी प्रखंड में सक्रिय अनुभवी पालक राजकिशोर पटेल बताते हैं कि महज 10 पेटियों से शुरू हुआ यह सफर आज 300 पेटियों और 5 लाख रुपये सालाना बचत तक पहुंच गया है. कृषि विज्ञान केंद्रों से प्रशिक्षण लेकर युवा न केवल शहद उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि लीची और सरसों के बागानों का सही इस्तेमाल कर बिना बाजार जाए बड़ी कंपनियों को अपना उत्पाद बेच रहे हैं. छपरा की जलवायु और प्रचुर बगीचे इस व्यवसाय के लिए वरदान साबित हो रहे हैं, जिससे घर बैठे स्वरोजगार के नए द्वार खुल गए हैं.   Read More ...

free visitor counters