FTA, कारोबार और तेल संकट... पीएम मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा से भारत को क्या मिला, समझें पूरी बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने एक दिवसीय न्यूज़ीलैंड दौरे पर ऑकलैंड पहुंचे, जहां उनकी प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, आतंकवाद, वैश्विक सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली न्यूज़ीलैंड यात्रा है. इससे पहले वर्ष 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने न्यूज़ीलैंड का दौरा किया था.बैठक में सबसे अधिक चर्चा भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की रही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने रिकॉर्ड समय में इस समझौते को लागू कर नई मिसाल पेश की है. वहीं, प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने बताया कि एफटीए लागू होने के बाद न्यूज़ीलैंड से भारत जाने वाले 57 प्रतिशत सामान पर अब शून्य शुल्क (Zero Tariff) लागू हो चुका है. उन्होंने इसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया.इस दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर भी विस्तार से चर्चा की. दोनों नेताओं ने माना कि इन संघर्षों का असर वैश्विक सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ रहा है. भारत और न्यूज़ीलैंड ने साझा राय व्यक्त की कि इन संघर्षों का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए. दोनों देशों का मानना है कि युद्ध लंबे समय तक जारी रहने से वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र के समुद्री व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. Read More ...
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