अवध की मिटती विरासत, कभी गुड़-लाई से होता था मेहमानों का स्वागत, मूंज की टोकरी में परोसी जाती थी मिठास

Image credit: Internet

Awaadh Mehman Nawazi: ग्रामीण महिला निर्मला देवी लोकल 18 से बताती है कि पहले गांवों और छोटे कस्बों में मेहमानों का स्वागत केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संस्कृति और संस्कार का प्रतीक माना जाता था. जब भी कोई मेहमान घर आता था तो सबसे पहले उसे गुड़ और लाई दी जाती थी. निर्मला के अनुसार, यह सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि प्रेम, सम्मान और सादगी का प्रतीक थी. गुड़ को मिठास और अपनापन का प्रतीक माना जाता था. इस परंपरा से गांव वालों के बीच अपनापन और मेल-जोल का विशेष भाव पैदा होता था.   Read More ...

free visitor counters