12 चीजों को मिलाकर बलिया के चंदन कलेक्ट्रेट पर 15 साल से खिला रहे भूजा, ठेले के पीछे छिपा है परिवार के तीन दशक की कहानी, जानें

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भूजा के ठेले, ठेले वाले चंदन कुमार के अनुसार, वह केवल 12 साल की उम्र में अपने पिता के साथ भूजा बेचना शुरू कर दिए थे. स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ ठेले पर हाथ बंटाते हुए उन्होंने जीवन का सबसे बड़ा सबक भी सीख लिया. कहते हैं मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता हैं. पिता ने चंदन को भूजा बनाने की बारीकियां सिखाईं और चंदन के लिए आज यही सबसे बड़ी उपलब्धि है. जनपद बलिया कलेक्ट्रेट में हर सुबह एक ठेला लगता है. हालांकि, यह दूर से देखने में साधारण ठेला जरूर लगता है, लेकिन इसके पीछे तीन दशक की मेहनत और एक परिवार का संघर्ष छिपा है. इसी ठेले पर लगभग 15 सालों से चंदन भूजा बेच रहे हैं. यह चंदन के लिए न केवल रोजी-रोटी है, बल्कि पिता की अमानत और परिवार की पहचान है, जिसे चंदन बरकरार रखे हैं.   Read More ...

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