जब 3 परसेंटाइल ने तोड़ा हौसला, तब जिद ने लिखा इतिहास: शुभम की 98.57 तक की धमाकेदार वापसी की कहानी
JEE Main Success Story : कभी जेईई में महज 3 परसेंटाइल हासिल करने वाला एक साधारण छात्र आज 98.57 परसेंटाइल के साथ हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है. यह कहानी है बिहार के दरभंगा जिले के छोटे से कस्बे कोल्हंता पटोरी के रहने वाले शुभम कुमार की, जिसने असफलता को अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत में बदल दिया. सीमित संसाधनों और हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने के बाद जब शुभम अंग्रेजी माध्यम में आया, तो उसके लिए हर दिन एक चुनौती बन गया. आत्मविश्वास गिरता गया और हालात ऐसे बने कि उसे पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी. जेईई में बेहद कम परसेंटाइल आने के बाद वह पूरी तरह टूट गया, लेकिन यहीं से उसकी असली लड़ाई शुरू हुई. परिवार के सहयोग और अपने भीतर के विश्वास के दम पर उसने दोबारा कोटा जाकर तैयारी शुरू की. इस बार उसने सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि अपनी कमजोरियों को समझकर रणनीति बदली. लगातार मेहनत, अनुशासन और सीखने की ललक ने धीरे-धीरे उसे मजबूत बनाया. आखिरकार जेईई मेन 2026 में 98.57 परसेंटाइल के साथ उसने साबित कर दिया कि सच्ची लगन और सही दिशा में मेहनत किसी भी असफलता को सफलता में बदल सकती है. Read More ...
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Riding the main trail was easy, a little bumpy because my mountain bike is a hardtail