Bhaiya Ji Kahin: मेरे जैसा मत बनना... जब मीडिया स्टूडेंट की ख्वाहिश सुन चौंके भैयाजी प्रतीक त्रिवेदी

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न्यूज 18 इंडिया के मशहूर शो भैयाजी कहिन के दौरान उस वक्त एक दिलचस्प और सीख देने वाला नजारा देखने को मिला, जब कानपुर से आए एक मीडिया स्टूडेंट ने वरिष्ठ पत्रकार प्रतीक त्रिवेदी से कह दिया कि वह उनकी तरह बनना चाहता है. इस पर प्रतीक त्रिवेदी ने तुरंत मुस्कुराते हुए उसे टोक दिया और कहा, "ये गलती मत कर देना बेटा, हमारे जैसा मत बनना... हमसे बेहतर बनो." पत्रकारिता की बारीकियां समझाते हुए भैयाजी ने कहा कि आज के दौर में मीडिया की पढ़ाई तो हो रही है लेकिन लिखने की आदत छूटती जा रही है. उन्होंने युवा छात्र को गुरुमंत्र देते हुए सलाह दी कि भाषा और वर्तनी का अभ्यास बेहद जरूरी है. पहले अच्छा लिखना सीखो क्योंकि जो अच्छा लिख सकता है, वही बेहतर बोल भी पाएगा. अगर लिखे बिना सिर्फ बोलने पर ध्यान दिया तो ज्ञान का डब्बा गोल हो जाएगा. छात्र को आगे बढ़ने का मूलमंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों की नकल करने के बजाय अपना आदर्श खुद बनाओ. निष्पक्षता, ईमानदारी, लगातार पढ़ने और लिखने के दम पर ही सच्ची पत्रकारिता संभव है.न्यूज 18 इंडिया के मशहूर शो भैयाजी कहिन के दौरान उस वक्त एक दिलचस्प और सीख देने वाला नजारा देखने को मिला, जब कानपुर से आए एक मीडिया स्टूडेंट ने वरिष्ठ पत्रकार प्रतीक त्रिवेदी से कह दिया कि वह उनकी तरह बनना चाहता है. इस पर प्रतीक त्रिवेदी ने तुरंत मुस्कुराते हुए उसे टोक दिया और कहा, "ये गलती मत कर देना बेटा, हमारे जैसा मत बनना... हमसे बेहतर बनो." पत्रकारिता की बारीकियां समझाते हुए भैयाजी ने कहा कि आज के दौर में मीडिया की पढ़ाई तो हो रही है लेकिन लिखने की आदत छूटती जा रही है. उन्होंने युवा छात्र को गुरुमंत्र देते हुए सलाह दी कि भाषा और वर्तनी का अभ्यास बेहद जरूरी है. पहले अच्छा लिखना सीखो क्योंकि जो अच्छा लिख सकता है, वही बेहतर बोल भी पाएगा. अगर लिखे बिना सिर्फ बोलने पर ध्यान दिया तो ज्ञान का डब्बा गोल हो जाएगा. छात्र को आगे बढ़ने का मूलमंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों की नकल करने के बजाय अपना आदर्श खुद बनाओ. निष्पक्षता, ईमानदारी, लगातार पढ़ने और लिखने के दम पर ही सच्ची पत्रकारिता संभव है.   Read More ...

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