पिता के हाथों में लगी चोट तो बेटियों ने थाम ली स्टेयरिंग... उधमपुर की दो बेटियों की कहानी कर देगी भावुक

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उधमपुर की बंजीत कौर और देविंदर कौर की कहानी हौसले और जिम्मेदारी की मिसाल है. दोनों के पिता स्कूल बस और ऑटो चलाकर परिवार का खर्च चलाते थे, लेकिन सीढ़ियों से गिरने के बाद उनके बाजू में गंभीर चोट लगी और वह काम करने में असमर्थ हो गए. ऐसे वक्त में दोनों बेटियों ने पिता का काम संभाल लिया. अब वे पढ़ाई के साथ स्कूल बस और ऑटो चलाती हैं.   Read More ...

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