Video: खेत में पानी, हाथ में रिमोट! मखाना खेती में 35 क्विंटल पैदावार का सीक्रेट फॉर्मूला, होगी तगड़ी कमाई

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Makhana Farming Tips: मखाना की खेती अब सिर्फ परंपरागत तालाबों तक सीमित नहीं, वैज्ञानिक मैनेजमेंट से यह हाई इनकम फसल बन सकती है. पूर्णिया स्थित भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डॉ. तपन रॉय बताते हैं कि मार्च से अप्रैल लास्ट तक मखाना लगाने का गोल्डन पीरियड है, लेकिन असली कमाई सही प्लानिंग से होती है. उनके अनुसार ऐसी दोमट या चिकनी मिट्टी वाली जमीन चुनें. जहां पानी आसानी से स्टोर हो सके और सालभर पर्याप्त पानी की व्यवस्था हो, क्योंकि यह लंबी अवधि की फसल है. खेत की 3-4 बार जुताई, समतलीकरण और करीब 2 फीट की मेढ़ बनाकर 6 इंच से 2 फीट तक पानी स्थिर रखना जरूरी है. इससे दाने बड़े और भरपूर बनते हैं. डॉ. रॉय के मुताबिक सबौर मखाना 1 वैरायटी की मांग बिहार से लेकर असम, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और यूपी तक है. यह प्रति हेक्टेयर 30-35 क्विंटल तक उत्पादन दे सकती है, बशर्ते संतुलित उर्वरक व ड्रोन से सही समय पर स्प्रे किया जाए.    Read More ...

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