पिता के साथ मां भी करती है मजदूरी... पैसे के अभाव में चूल्हे पर बनता है भोजन, रुला देगी Viral दिव्यांग ज्योति की कहानी

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The Story of Jyoti from Ballia: बलिया के महुलानपार गांव की 18 वर्षीय दिव्यांग ज्योति की कहानी वायरल होने के बाद प्रशासन मदद के लिए घर पहुंचा है. ज्योति पढ़ना चाहती है. लेकिन गरीबी और दिव्यांगता के कारण उसकी पढ़ाई छूट गई थी. ज्योति की मां देवंती देवी खेतों में मजदूरी करती है और बकरियां व भैंस पालकर परिवार का भरण-पोषण करती है. उन्हें आज भी चिंता है कि वह अपनी छोटी बच्ची को पढ़ा नहीं पाई है. ज्योति के पिता गुलाब चंद्र प्रसाद पहले एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते थे. लेकिन पैरों में दर्द के कारण उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी. अब वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर महीने के 4 से 5000 रुपये कमाते है. उन्होंने अपनी एक बेटी को एम.एड बी.एड की पढ़ाई भी करवाई है.   Read More ...

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