हैदराबाद का असली गेटवे, 450 साल पुराना पुल, जहां से शुरू हुई शहर की कहानी, इतिहास आज भी जिंदा

Image credit: Internet

Hyderabad old bridge : हैदराबाद की पहचान सिर्फ चारमीनार या कुतुब शाही इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस शहर की नींव और इतिहास को समझना हो तो मूसी नदी के किनारे खड़े “पुराना पुल” को देखना जरूरी है. यह पुल सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि करीब साढ़े चार सौ साल पुराने हैदराबाद के जन्म और विकास का जीवंत गवाह है. 16वीं सदी में बना यह पुल उस दौर की इंजीनियरिंग, वास्तुकला और दूरदर्शिता का शानदार उदाहरण है, जब नदी पार करना भी एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी. पुराना पुल ने न सिर्फ गोलकोंडा और पुराने शहर को जोड़ा, बल्कि व्यापार, सामाजिक जीवन और सांस्कृतिक विस्तार को भी नई दिशा दी. इतिहास में दर्ज कहानियां इसे और भी खास बनाती हैं - कहा जाता है कि इसी पुल के रास्ते मुहम्मद कुली कुतुब शाह अपनी प्रेमिका भागमती से मिलने जाया करते थे. आज जब आधुनिक हैदराबाद तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब भी यह पुल अतीत की यादों को संभाले मजबूती से खड़ा है. हालांकि समय और प्रदूषण इसके लिए चुनौती बनते जा रहे हैं, फिर भी यह धरोहर हर आने वाले को शहर के असली इतिहास से रूबरू कराती है.   Read More ...

free visitor counters