भूल जाइए लखनऊ की भूल-भुलैया... जयपुर के इन रास्तों पर भटके तो बिगड़ जाएगा मामला!

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Jaipur Ki Bhul Bhulaiya: जयपुर सिर्फ अपने किलों, महलों और गुलाबी इमारतों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अनोखी बाजार संस्कृति और ऐतिहासिक रास्तों के लिए भी दुनियाभर में पहचाना जाता है. चारदीवारी के भीतर बसे पुराने बाजार आज भी अपने नामों और इतिहास की वजह से लोगों को आकर्षित करते हैं. जोहरी बाजार, चांदपोल, त्रिपोलिया और रामगंज जैसे बड़े बाजारों के बीच निकलने वाले छोटे-छोटे रास्ते अपने अलग नाम और पहचान रखते हैं. किसी का नाम मनिहारों का रास्ता है तो कहीं नटनियों का रास्ता, वहीं लालजी सांड का रास्ता और गोपाल जी का रास्ता भी लोगों के बीच खास चर्चा में रहते हैं. इन नामों के पीछे सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि रियासतकालीन इतिहास और उस दौर की सामाजिक व्यवस्था छिपी हुई है. बताया जाता है कि जयपुर बसने के समय अलग-अलग हुनर वाले कारीगरों, कलाकारों और विद्वानों को अलग क्षेत्रों में बसाया गया था. इसी वजह से रास्तों के नाम उनके काम, कला और पहचान से जुड़ गए. आज भी इन रास्तों में पुरानी हवेलियां, पारंपरिक बाजार और पीढ़ियों से बसे परिवार जयपुर की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे हुए हैं. पर्यटक भी इन गलियों में घूमकर पुराने जयपुर की असली खूबसूरती को महसूस करते हैं.   Read More ...

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