बाहर से ज्यादा खतरनाक घर की प्रदूषित हवा, महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित; जानें बचाव के उपाय
indoor air pollution: जब वायु प्रदूषण की बात होती है तो लोग बाहरी धुएं और धूल पर ध्यान देते है. लेकिन घरों और दफ्तरों के भीतर मौजूद इंडोर एयर पॉल्यूशन अधिक खतरनाक हो सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह बाहरी प्रदूषण से दो से पांच गुना ज्यादा हानिकारक हो सकता है. एएमयू की प्रोफेसर सालेहा जमाल बताती है कि घरों में पेंट, फर्नीचर, केमिकल क्लीनर और लकड़ी-कोयले जैसे ठोस ईंधन इसके मुख्य कारण है. भारत में बड़ी आबादी अब भी सॉलिड फ्यूल पर निर्भर है. जिससे महिलाएं और छोटे बच्चे ज्यादा प्रभावित होते है. धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड व सूक्ष्म कण गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते है. बचाव के लिए सही वेंटिलेशन, खिड़कियां खुली रखना और स्वच्छ ईंधन का उपयोग जरूरी है. Read More ...
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