कोई झेल जाता है बड़ी-बड़ी असफलता, कुछ छोटी मुसीबत में ही मान लेते हैं हार, जानें इसके पीछे का मनोविज्ञान

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मनौवैज्ञानिक बताते हैं कि दुनिया के हर व्यक्ति की थकान की सीमा यानी फटीग लिमिट (Fatigue Limit) अलग-अलग होती है. इसकी वजह यह है कि हर इंसान का मस्तिष्क अलग तरीके से काम करता है. हर व्यक्ति का सोचने, महसूस करने, व्यवहार करने, प्रतिक्रिया देने और तर्क करने का पैटर्न अलग होता है. यही कारण है कि कोई व्यक्ति बड़ी से बड़ी असफलता के बाद भी संभल जाता है, जबकि कोई छोटी-सी निराशा के बाद ही टूट जाता है.   Read More ...

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