Video: आंखों पर पट्टी, फिर भी नोट का नंबर बता देते बच्चे! जानें मोबाइल लत छुड़ाने वाले थर्ड आई एक्टिवेशन का सच

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Unique Third Eye Class In Delhi: नई दिल्ली में बच्चों की बढ़ती मोबाइल लत और कमजोर होती याददाश्त के बीच एक अलग तरह की पहल सुर्खियों में है. नोएडा के प्रभात पाण्डेय ने कॉरपोरेट की जनरल मैनेजर की मोटी सैलरी छोड़कर सत्य अनुभूति आश्रम के जरिए बच्चों की मदद का रास्ता चुना है. स्पिरिचुअल एक्सपो, कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में जब उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधे बच्चों से नोटों के नंबर और पेन के रंग सही-सही पहचान कराए तो लोग हैरान रह गए. प्रभात का दावा है कि वह बच्चों की तीसरी आंख, यानी दिमाग के बीच स्थित पीनियल ग्रंथि को एक्टिव करने पर काम करते हैं. जिससे याददाश्त मजबूत होती है और बच्चे स्क्रीन की लत से दूर रहते हैं. 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए करीब डेढ़ महीने का कोर्स 4000 रुपए में कराया जाता है. वह कहते हैं कि 25 साल की साधना और रिसर्च के बाद अब तक 5000 से ज्यादा बच्चे इस तकनीक से लाभ ले चुके हैं और ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जुड़ रहे हैं.    Read More ...

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