पश्चिम बंगाल में उखड़ने लगे TMC के तंबू, क्लबों से हटे ममता से सटे रहने के सबूत! TMC दफ्तरों पर अब भाजपा का कब्जा

Image credit: Internet

4 मई 2026 की सुबह ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी के लिए ठीक वैसी ही साबित हुई जैसी 15 साल पहले 13 मई 2011 को वाम मोर्चा के लिए सिद्ध हुई थी. तब भी हर मुहल्ले में खुले क्लबों के बोर्ड रातोंरात बदल गए थे. यहां तक कि वाम के दफ्तर और क्लबों के रंग भी बदल दिए गए थे. वाम दलों के ज्यादातर कैडर तो सत्ता परिवर्तन के साथ ही बिलों में ही दुबक गए थे. सीपीएम की लोकल कमेटियों में बैठने तक को कोई तैयार नहीं होता था. ममता की सत्ता जाने पर टीएमसी के साथ भी वहीं सलूक दोहराया जा रहा है.   Read More ...

free visitor counters