झांसी पुराने और नए शहर का है अनोखा संगम, जहां इतिहास और आधुनिकता की दिखती है झलक, जाने इतिहास
समय बीतता गया और झांसी में लोगों की संख्या बढ़ने लगी. कारोबार बढ़ा तो लोगों को नई जगह की जरूरत भी महसूस हुई. इसके बाद शहर की दीवारों के बाहर नए घर बनने लगे. धीरे धीरे नई दुकानें खुलीं और नए बाजार बस गए. फिर अंग्रेजों के समय नई सड़कें बनाई गईं, रेलवे आई, सरकारी दफ्तर बने. इन सबके बाद झांसी तेजी से फैलने लगा. लोग पुराने शहर से बाहर आकर बसने लगे. सिपरी, सिविल लाइंस, सदर और दूसरे कई इलाके धीरे धीरे आबाद हो गए. जहां पहले खाली जमीन दिखाई देती थी वहां अब घर, दुकानें, स्कूल और दफ्तर बन गए. इसी वजह से आज का झांसी पहले से कई गुना बड़ा दिखाई देता है. पुराने और नए शहर का फर्क आज भी साफ नजर आता है. Read More ...
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Riding the main trail was easy, a little bumpy because my mountain bike is a hardtail