25 किलो सोने की कुर्सी, जिस पर सिर्फ 1 दिन बैठे थे आखिरी निज़ाम! हैदराबाद म्यूजियम की हैरान कर देने वाली कहानी

Image credit: Internet

Nizam Museum Hyderabad : हैदराबाद की गलियों में आज भी एक ऐसा इतिहास सांस लेता है, जो कभी दुनिया की सबसे अमीर रियासतों में गिना जाता था. इसी शाही दौर की झलक देखने के लिए पुरानी हवेली में बना निज़ाम म्यूजियम किसी खजाने से कम नहीं है. यहां कदम रखते ही ऐसा महसूस होता है जैसे वक्त पीछे लौट गया हो. हर कोना, हर वस्तु एक कहानी कहती है - लेकिन सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान खींचती है आखिरी निज़ाम मीर उस्मान अली खान की सोने की परत वाली खास कुर्सी. यह कुर्सी सिर्फ बैठने के लिए नहीं बनाई गई थी, बल्कि यह निज़ाम की शान और ताकत का प्रतीक थी. खास बात यह है कि इस पर निज़ाम खुद सिर्फ एक दिन के लिए बैठे थे, जब उन्होंने अपनी हुकूमत के 25 साल पूरे किए थे. उस दिन मिले तोहफे आज भी इस म्यूजियम में सजे हुए हैं. करीब 25 किलो सोने से सजी यह कुर्सी आज भी वैसी ही चमकती है. म्यूजियम में मौजूद अनोखी चीजें - जैसे हीरे जड़ा टिफिन बॉक्स, चांदी के इत्रदान और विशाल वॉर्डरोब - निज़ामों की लग्ज़री जिंदगी की झलक दिखाते हैं. यही वजह है कि यह जगह सिर्फ एक म्यूजियम नहीं, बल्कि हैदराबाद के शाही इतिहास की जीवित कहानी बन चुकी है.   Read More ...

free visitor counters