सर्जिकल ब्लेड से पीपल के पत्तों पर लखीमपुर की कल्पना उकेरती हैं चित्र, रचनात्मक कार्य की हो रही तारीफ
12-05-26 03:29:22pm
verified
Image credit: Internet
जिले के मुस्तफाबाद करीबधाम की रहने वाली एडवोकेट कल्पना तिवारी बताती हैं कि पीपल जैसे नाजुक पत्ते पर कलाकृति बनाना बिल्कुल आसान नहीं होता. जरा सी गलती से पूरा पत्ता खराब हो सकता है और घंटों की मेहनत बेकार चली जाती है. एक चित्र बनाने में करीब डेढ़ से दो घंटे, जबकि कई बार इससे भी ज्यादा समय लग जाता है. इसके लिए बेहद धैर्य, एकाग्रता और बारीकी से काम करना पड़ता है. Read More ...
Related posts
NEET UG 2026: आखिर कहां छपता है NEET का पेपर, कैसे तैयार होता है प्रश्न पत्र?
12-05-26 04:05:22pm
600 किलोमीटर पैदल चलकर तमिलनाडु के CM विजय से मिलने निकला केरल का ब्लॉगर जोड़ा
12-05-26 03:05:02pm
बलूचों पर पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड की अंधाधुंध फायरिंग, 8 निर्दोष मछुआरों की मौत
12-05-26 03:05:11pm
कभी सोचा है जेल का एक कैदी पूरे दिन में क्या-क्या करता है ? जानिए पूरा डे रूटीन
12-05-26 03:05:21pm
Don't miss
Newsletter
Receive daily updates !
Last Comments
A writer is someone for whom writing is more difficult than it is for other people.
Riding the main trail was easy, a little bumpy because my mountain bike is a hardtail