सर्जिकल ब्लेड से पीपल के पत्तों पर लखीमपुर की कल्पना उकेरती हैं चित्र, रचनात्मक कार्य की हो रही तारीफ

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जिले के मुस्तफाबाद करीबधाम की रहने वाली एडवोकेट कल्पना तिवारी बताती हैं कि पीपल जैसे नाजुक पत्ते पर कलाकृति बनाना बिल्कुल आसान नहीं होता. जरा सी गलती से पूरा पत्ता खराब हो सकता है और घंटों की मेहनत बेकार चली जाती है. एक चित्र बनाने में करीब डेढ़ से दो घंटे, जबकि कई बार इससे भी ज्यादा समय लग जाता है. इसके लिए बेहद धैर्य, एकाग्रता और बारीकी से काम करना पड़ता है.   Read More ...

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