Sindoor Khela 2026: क्या है सिंदूर खेला की परंपरा? विदाई से पहले क्यों करते हैं धुनुची नृत्‍य और चेहरे पर क्यों लगाते हैं पाने के पत्ते

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Sindoor Khela 2026: आज दुर्गा पूजा का अंतिम दिन है और इस दिन सुहागिन महिलाएं सिंदूर खेला की रस्म निभाती हैं. दुर्गा विसर्जन से ठीक पहले बंगाली समुदाय में सिंदूर खेला की परंपरा बहुत खास मानी जाती है. विजया दशमी के दिन मां दुर्गा को विदा करने से पहले सुहागिनें एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं और मां से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगती हैं. इस रस्म के दौरान चेहरे पर पान का पत्ता रखने और प्रसिद्ध धुनुची नृत्य करने का भी विशेष धार्मिक महत्व होता है, जो उत्सव के उल्लास को और बढ़ा देता है.   Read More ...

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