Opinion | बूथ कब्जा हो या लूट-हेराफेरी…चुनावी धांधली में बिहार से कम नहीं बंगाल, इत्र-टेप वाला खेल समझिए
Bengal Chunav News: बिहार 90 के दशक में बूथ लूट के लिए बदनाम था. बूथ पर उसी दल के वोट पड़ते, जिसके लोग कब्जा कर चुके रहते. 2005 में चुनाव आयोग के सलाहकार केजे राव ने ठीक वैसा ही तरीका अपनाया, जिस ढंग से चुनाव आयोग ने इस बार बंगाल में मतदान कराया है. वाम मोर्चा के सासन काल में चुनावों के दौरान बंगाल में साइंटिपिक रिगिंग शब्द खूब प्रचलित हुआ. साइंटिफिक रिगिंग में सत्तादारी दलों के लोग बूथ जाम कर देते थे. बूथ के अंदर भी कुछ लोग रहते. वे पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में वोट गिराते जाते. अव्वल तो विरोधी भय से वोट डालने जाते ही नहीं और अगर चले गए तो कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रह जाते. लाइन खिसकती ही नहीं. Read More ...
Related posts
Don't miss
Newsletter
Receive daily updates !
Last Comments
A writer is someone for whom writing is more difficult than it is for other people.
Riding the main trail was easy, a little bumpy because my mountain bike is a hardtail