अंग्रेजों ने कहा नो एंट्री तो भारतीयों ने बना दिया अपना क्लब, कुछ ऐसी है बहराइच के हवा महल की कहानी

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बहराइच का करीब 100 साल पुराना पीतांबर टावर हवा महल, जिसे मकबूल क्लब के नाम से भी जाना जाता है, अंग्रेजों की रंगभेद नीति के खिलाफ भारतीयों के आत्मसम्मान का प्रतीक रहा है. 1933 में तैयार इस इमारत में भारतीय वकील खेल-कूद के साथ आजादी से जुड़ी रणनीतियों पर चर्चा करते थे. खास बात यह है कि इसके निर्माण में सीमेंट की जगह चूना, बेल के शरबत, राख और मौरंग के मिश्रण का इस्तेमाल किया गया था. आज यह ऐतिहासिक इमारत संरक्षण की जरूरत महसूस कर रही है.   Read More ...

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