कभी लाल तो कभी मटमैला, रंग बदलता है बरेली का बंखंडी मंदिर, द्रोपदी ने की थी शिवलिंग की स्थापना

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भगवान शिव की खोज में निकलने के दौरान पांडव इस स्थान पर भी पहुंचे और यहां विश्राम किया. इसी स्थान पर माता द्रौपदी के हाथों शिवलिंग की स्थापना की गई. और भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की गई. यही स्थान आज बंखंडी नाथ महादेव मंदिर के रूप में प्रसिद्ध है. कथा के अनुसार इसके बाद पांडव जागेश्वर धाम पहुंचे. जहां भगवान शिव नंदी के रूप में प्रकट हुए. बताया जाता है कि भीम ने उन्हें पहचान लिया. और पकड़ने की कोशिश की. लेकिन तभी भगवान शिव भूमि में समा गए.   Read More ...

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