राम मंदिर निर्माण में प्रयोग किए गए औजार किये जायेंगे संरक्षित, श्रद्धालु पा सकेंगे दर्शन

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ट्रस्ट का मानना है कि मंदिर निर्माण में जितना योगदान कारीगरों और संतों का रहा उतना ही महत्व उन उपकरणों का भी है जिनकी सहायता से पत्थरों को तराशकर दिव्य मंदिर का स्वरूप दिया गया यही वजह है कि अब इन उपकरणों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाएगा.रामघाट चौराहे पर स्थित मंदिर निर्माण कार्यशाला में वर्ष 1990 से पत्थरों की तराशी का कार्य शुरू हुआ था. उस समय विश्व हिंदू परिषद ने मंदिर निर्माण की तैयारी के तहत कार्यशाला स्थापित की थी.   Read More ...

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