जिस घास को लोग समझते थे बेकार, वही बनी गांवों की आय का बड़ा जरिया! सरपता से तैयार हो रहे कई उपयोगी उत्पाद
Bharatpur Hindi News: खुले मैदानों और बंजर भूमि में स्वतः उगने वाली सरपता घास आज ग्रामीणों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनती जा रही है. पहले जिस घास को सामान्य और कम उपयोगी माना जाता था, अब उसकी बढ़ती मांग ने गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा कर दिए हैं. सरपता घास का उपयोग झाड़ू, टोकरी, चटाई और झोपड़ियों की छत बनाने जैसी कई पारंपरिक जरूरतों में किया जाता है. पर्यावरण अनुकूल और कम लागत वाली होने के कारण इसके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है. ग्रामीण परिवार इस घास को एकत्रित कर विभिन्न हस्तशिल्प वस्तुएं तैयार करते हैं और स्थानीय बाजारों में बेचकर अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं. यह घास न केवल आर्थिक रूप से सहायक साबित हो रही है, बल्कि पारंपरिक ग्रामीण शिल्प और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. Read More ...
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Riding the main trail was easy, a little bumpy because my mountain bike is a hardtail