दूर से खींच लाती है मालपुआ की खूशबू, मुंह में जाते ही घुल जाती है चाशनी में डूबी कुरकुरी पपड़ी

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दिन ढलते ही इंदौर का मशहूर सरफा बाजार एकदम अलग रंग में नजर आने लगता है. दिनभर जहां सोना-चांदी की चमक बिखरी रहती है, वहीं रात होते ही पूरा बाजार लज़ीज़ व्यंजनों की खुशबू से महक उठता है. हर गली, हर दुकान खाने के शौकीनों से भर जाती है और सराफा एक फूड लवर्स का स्वर्ग बन जाता है. इसी रौनक के बीच दशकों पुरानी दुकानों की परंपरा आज भी कायम है, जहां पुराने स्वाद को आज भी उसी अंदाज में परोसा जाता है. यहां का खास आकर्षण है मावे वाला मालपुआ, जो अपनी खुशबू और स्वाद से लोगों को दूर से ही अपनी ओर खींच लेता है. गर्मागर्म, कुरकुरा और अंदर से नरम यह मालपुआ जब गाढ़ी रबड़ी के साथ परोसा जाता है, तो इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है. सराफा बाजार की यही खासियत इसे बाकी जगहों से अलग बनाती है-यहां सिर्फ खाना नहीं, बल्कि स्वाद और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिलता है.   Read More ...

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