अलवर की बेटी ज्योति ने वेस्ट से रचा कमाल, हैंडिक्राफ्ट कला से देशभर में बनाई पहचान

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Art from waste material : अलवर की ज्योति अपनी पारंपरिक कला को नया आयाम देते हुए देशभर में पहचान बना रही हैं. उन्होंने अपने पिता से सीखी हैंडिक्राफ्ट कला को आगे बढ़ाते हुए लकड़ी के बुरादे और वेस्ट मटेरियल से आकर्षक सजावटी वस्तुएं और पेंटिंग तैयार करनी शुरू की. उनकी बनाई कलाकृतियों में राधा-कृष्ण, वर्ली आर्ट और भारतीय संस्कृति की झलक साफ नजर आती है. इनकी कीमत 350 रुपये से शुरू होकर हजारों तक जाती है. ज्योति न केवल अपनी कला को बढ़ा रही हैं, बल्कि जरूरतमंद महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर भी बना रही हैं. देश के कई शहरों में आयोजित प्रदर्शनियों में उनकी कलाकृतियों को सराहना मिल चुकी है. उनकी मेहनत और लगन ने पारंपरिक कला को नई पहचान दिलाई है और समाज में प्रेरणा का उदाहरण पेश किया है.   Read More ...

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