जंगल से बाजार तक...तेलंगाना की शिकाकाई का कमाल, शहर में 500 रुपये किलो तक है डिमांड

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तेलंगाना के मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम और खम्मम के जंगलों से मिलने वाली शिकाकाई आज आदिवासी परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार बन गई है. स्थानीय बाजारों में 40 से 60 रुपये प्रति किलो बिकने वाली यह प्राकृतिक वन उपज हैदराबाद के थोक बाजारों और ऑर्गेनिक स्टोर्स में प्रोसेसिंग के बाद 300 से 500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. बढ़ती हर्बल उत्पादों की मांग से आदिवासी समुदायों की आय में भी इजाफा हुआ है. सरकारी खरीद और निजी स्टार्टअप्स के सहयोग से अब उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर दाम मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है.   Read More ...

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