OPINION: एक ने कार धुलवाई तो दूसरे ने घर, फायर ब्रिगेड की गाड़ी है या नेता जी के पोछा?

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कुछ नेताओं की हरकतें साफ दिखाती हैं कि इन्हें जनता के पैसों और सरकारी तंत्र से कोई मतलब नहीं है. जब मन किया, इमरजेंसी फायर ब्रिगेड को अपनी कार या बंगला धोने की मशीन बना लिया. वीआईपी कल्चर की ये घटिया मानसिकता लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा है, जहां आम जनता की समस्याओं को दरकिनार कर ये हुक्मरान अपनी अय्याशी में सरकारी संसाधनों की धज्जियां उड़ा रहे हैं.   Read More ...

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