‘अम्मा’ के बाद अनाथ हुई AIADMK! पांच-पांच बार अपनों ने घोंपा खंजर, क्या 2026 में MGR-जयललिता के सपनों का होगा आखिरी कत्ल?

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तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक (AIADMK) आज अपने अस्तित्व की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. 2026 के विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त ने पार्टी के भीतर उस असंतोष को हवा दे दी है, जो लंबे समय से दबी हुई थी. पार्टी अब अपने इतिहास के पांचवें और सबसे बड़े संभावित विभाजन की दहलीज पर खड़ी है. जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के खिलाफ पार्टी के दिग्गज नेताओं और विधायकों ने खुलेआम बगावत कर दी है. एसपी वेलुमणि और सीवी शनमुगम के नेतृत्व में एक बड़ा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है. एमजीआर और जयललिता की विरासत को संभालने का दावा करने वाली यह पार्टी आज अपनों की ही महत्वाकांक्षाओं की भेंट चढ़ती दिख रही है, जिससे करोड़ों कार्यकर्ताओं का दिल टूट गया है.   Read More ...

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