बलिया में पूर्वजों की धरोहर, हिरण की खाल से भोजपत्र तक पर लिखी पांडुलिपियां, यहां है आज भी सुरक्षित

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Ancestral Heritage in Ballia: बलिया के द्वाबा क्षेत्र के गोंहिया छपरा गांव निवासी आत्मानंद तिवारी ने बताया कि उनके घर में प्राचीन पांडुलिपियां सुरक्षित हैं. ये सभी हस्तलिखित है और उनके पितामह पं. राधामाधव शास्त्री तथा बाबा पं. दीनदयाल तिवारी द्वारा लिखित संस्कृत के विविध ग्रंथ भी यहां संरक्षित है. आत्मानंद तिवारी के अनुसार इन पांडुलिपियों को व्यवस्थित रूप से रखा गया है और शोधकार्य के लिए विद्वान और शोधार्थी लगातार यहां आते रहते है.   Read More ...

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