जालोर की ताशखाना बावड़ी, क्या सच में किले तक जाता था इसका रास्ता?

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Jalore Fort History: जालोर शहर के मध्य स्थित ताशखाना बावड़ी सिर्फ एक प्राचीन जलस्रोत नहीं, बल्कि इतिहास और रहस्यों से जुड़ी एक अनोखी धरोहर है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह बावड़ी कभी जालोर किले तक जाने वाली गुप्त भूमिगत सुरंग से जुड़ी हुई थी. कहा जाता है कि अलाउद्दीन खिलजी की घेराबंदी के दौरान इसी मार्ग से किले तक रसद, खाद्य सामग्री और जरूरी सामान पहुंचाया जाता था. कुछ लोग इसे खजाने तक पहुंचने वाले रास्ते से भी जोड़ते हैं. आज यह ऐतिहासिक स्थल जालोर की गौरवशाली विरासत, रणनीतिक सोच और प्राचीन स्थापत्य कला का प्रतीक माना जाता है.   Read More ...

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