झील के नीचे आज भी धड़कता है अतीत! उस्मान सागर की लहरों में छिपी है 15 गांवों के बलिदान की कहानी

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History of Osman Sagar Lake Hyderabad: हैदराबाद की उस्मान सागर झील का निर्माण 1908 की बाढ़ के बाद सर विश्वेश्वरैया की देखरेख में हुआ था. इस झील को बनाने के लिए 15 गाँवों के लोगों ने अपनी ज़मीन कुर्बान की थी जिनके अवशेष आज भी जलस्तर कम होने पर दिखाई देते हैं. यह झील शहर की सुरक्षा और जल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है. यह झील हमें याद दिलाती है कि कैसे एक त्रासदी ने एक ऐसी संरचना को जन्म दिया जिसने एक पूरे शहर की तकदीर बदल दी. गंडिपेट झील आज भी हैदराबाद के नागरिकों के लिए गौरव और उन 15 गाँवों के निवासियों के प्रति सम्मान का प्रतीक है जिनका इतिहास आज भी शांत लहरों के नीचे दफन है.   Read More ...

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