सरहुल में अनोखी परंपरा, प्रकृति पूजा और परंपरा का अद्भुत संगम, गुमला में उमड़ा आस्था का सैलाब

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आदिवासी धर्मावलंबी शुक्रा उरांव ने लोकल 18 को बताया कि सरहुल पर्व के दिन हमलोग प्रकृति व सरना माता की पूजा पाठ और प्रार्थना करते हैं कि सुख शान्ति समृद्धि प्राप्ति हो .हमलोग जो खेती  बाड़ी करते हैं वो अच्छे से हो भरपूर पैदावार हो. पूजा के बाद सरना स्थल से पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में नाचते-गाते जुलूस निकलता है, जिसमें ढोल, मांदर और नगाड़ों की धुन पर पूरा वातावरण झूम उठता है   Read More ...

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