जब ईरान-अमेरिका जंग से दुनिया जूझ रही थी, PM मोदी ने गढ़े नए वैश्विक समीकरण; मजबूत रही भारत की अर्थव्यवस्था

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पश्चिम एशिया में मचे भीषण युद्ध और तेल संकट को देखते हुए भारत सरकार ने देश के भीतर ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कड़ा स्टैंड लिया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिमी देशों के भारी राजनयिक दबावों के बावजूद भारत ने अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता दी. भारत ने रूस से रियायती दरों पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का आयात रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाया, जिससे देश को बड़े आर्थिक नुकसान और महंगाई की मार से समय रहते बचा लिया गया.   Read More ...

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