गोंडा के नान बाबू ने पारंपरिक खेती छोड़ उगाया बैंगन, ढाई हजार लगाया, कमया 60 हजार

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Brinjal Cultivation: नान बाबू गोस्वामी के मुताबिक बैंगन की फसल लगभग 70 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है. इसके बाद कई महीनों तक लगातार तुड़ाई की जा सकती है. वे बताते है कि नियमित रूप से बाजार में बैंगन बेचने से उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है. स्थानीय मंडियों के साथ-साथ आसपास के अन्य बाजारों में भी उनकी फसल की अच्छी मांग है.   Read More ...

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