खेल नहीं अब करियर है, कराटे से नौकरी तक का मौका, युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

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Palamu News: पलामू जिले के कराटे कच सुमित वर्मन ने बताया कि ये आमतौर पर आत्मरक्षा का माध्यम माना जाता है. लेकिन इसका दायरा इससे कहीं अधिक है. कराटे के अभ्यास से शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ता है. इसके साथ ही खिलाड़ी जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते है. प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन और पदक जीतने से खिलाड़ियों को पहचान मिलने के साथ आगे बढ़ने के अवसर भी मिलते है. कराटे के अलावा एथलेटिक्स, तैराकी और दूसरे खेलों में भी युवा अपना करियर बना सकते है.   Read More ...

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