गोंडा के श्री सिद्ध भुवनेश्वर नाथ शिव मंदिर में सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़, जाने इससे जुड़ी मान्यताएं

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पुजारी राम समुज महाराज बताते हैं कि सावन के सोमवार, प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर मंदिर परिसर भक्तों से भर जाता है. श्रद्धालु गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित कर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. मंदिर की सबसे बड़ी मान्यता यह है कि यहां श्रद्धा और विश्वास के साथ जलाभिषेक या रुद्राभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जो लोग रुद्राभिषेक कराने में सक्षम नहीं होते, वे भी यदि सच्चे मन से एक लोटा जल अर्पित करते हैं तो भोलेनाथ उनकी प्रार्थना स्वीकार करते हैं.   Read More ...

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