3 दिन में पिता को खोया, मां ने मजदूरी कर पाला... अब बेटा बनेगा न्यूरोलॉजिस्ट
जन्म के महज तीन दिन बाद पिता को खोने वाले बालोतरा जिले के खट्टू गांव निवासी मगाराम ने कठिन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. आर्थिक तंगी के बावजूद उनकी मां ने मजदूरी कर चार बच्चों का पालन-पोषण किया और बेटे की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी. मां के संघर्ष और अपनी मेहनत के दम पर मगाराम ने नीट-यूजी 2026 में 564 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 27,269 और कैटेगरी रैंक 13,124 प्राप्त की. अब उनका सपना न्यूरोलॉजिस्ट बनकर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों की सेवा करना है. मगाराम की यह प्रेरणादायक सफलता लाखों युवाओं के लिए मिसाल बन गई है. Read More ...
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Riding the main trail was easy, a little bumpy because my mountain bike is a hardtail