क्या आप जानते हैं? पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा बनी गंगनहर, निर्माण में ऊंटों की भूमिका कर देगी हैरान

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Bikaner Hindi News: बीकानेर और पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली गंगनहर के निर्माण में ऊंटों ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी. वर्ष 1920 से 1927 के बीच जब आधुनिक मशीनें और भारी उपकरण उपलब्ध नहीं थे, तब हजारों मजदूरों के साथ ऊंट और ऊंटगाड़ियां निर्माण कार्य की सबसे बड़ी ताकत बने. नहर की खुदाई से निकली मिट्टी और अन्य सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का अधिकांश काम ऊंटों के जरिए किया गया. आज भी इस ऐतिहासिक परियोजना से जुड़े दुर्लभ फोटो और दस्तावेज उस दौर में ऊंटों के अमूल्य योगदान की गवाही देते हैं, जिसने पश्चिमी राजस्थान के विकास की मजबूत नींव रखी.   Read More ...

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