हाईस्कूल में फेल, मनरेगा में मजदूरी... संघर्षों से लड़कर 31 साल में बने प्रोफेसर, पढ़ें डॉ. रामकुमार कन्नौजिया कहानी

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Success Story: डॉ. कन्नौजिया बताते है कि साल 2008 में वह हाईस्कूल की परीक्षा में फेल हो गए थे और 2009 में दोबारा परीक्षा देकर पास हुए. इस असफलता के बाद उन्हें लगा कि अगर आगे भी पढ़ाई में असफल रहे तो या तो खेती-बाड़ी और घर के पारम्परिक कामों में लगना पड़ेगा या फिर बाहर कमाने जाना होगा. उनके पिता कपड़ा धोने का काम करते थे और घर का खर्च मुश्किल से चलता था. इसी हालात ने रामकुमार को यह संकल्प लेने पर मजबूर किया कि अब उन्हें कुछ बड़ा करना ही है.   Read More ...

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