पुणे कांड: चींटियों-बिच्छू के जहर जैसा था शराब में मिला केमिकल, खून में घुलने के बाद तिलतिल कर लेता है जान

Image credit: Internet

पुणे जहरीली शराब कांड में 17 लोगों की मौत के बाद मेथनॉल जहर को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध शराब में मिलाया गया मेथनॉल शरीर में पहुंचकर फॉर्मिक एसिड में बदल जाता है, जो खून को एसिडिक बनाकर आंखों, दिमाग, लिवर और फेफड़ों पर हमला करता है. इसका असर कई बार 6 से 24 घंटे बाद दिखाई देता है. धुंधला दिखना, तेज सिरदर्द, उल्टी और सांस लेने में परेशानी इसके प्रमुख लक्षण हैं. जानिए मेथनॉल कैसे शरीर में तिल-तिल कर जहर बनता है और क्यों अवैध शराब मौत का कारण बन जाती है.   Read More ...

free visitor counters