बांस की गांठ से निकलने वाला भूरा पदार्थ नोनी या कोठ माना जाता है पारंपरिक मरहम, खून रोकने में करता है मदद, घाव को भी सुखाता है, जानें

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Desi Treatment: बलिया के ग्रामीण क्षेत्रों में बांस की गांठों से मिलने वाले भूरे रंग के पदार्थ नोनी या कोठ का उपयोग पारंपरिक मरहम के रूप में किया जाता है. यह कटने पर खून रोकने और घाव सुखाने में मदद करता है. पहले के जमाने में जब हॉस्पिटल बहुत कम हुआ करते थे, उस समय इसका काफी चलन था. आइए विस्तार से जानते हैं. बुजुर्गों के अनुसार, पुराने समय में जब अस्पताल बहुत कम हुआ करते थे, तब इसका उपयोग किया जाता था.   Read More ...

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