मोहम्मद अली जिन्ना को सेक्युलर कहने वाले जरा जान लें ये हकीकत

Image credit: Internet

धर्म के नाम पर देश का बंटवारा करवाने वाले जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष बताना विरोधाभास है. जो लोग केवल 11 अगस्त पढ़ते हैं, वे 23-24 मार्च 1940 को लाहौर के मिंटो पार्क (अब इकबाल पार्क), बादशाही मस्जिद के सामने दिए गए उनके अध्यक्षीय भाषण से मुंह मोड़ते हैं. 23 मार्च को अखिल भारतीय मुस्लिम लीग ने वह प्रस्ताव पारित किया जिसे बाद में पाकिस्तान प्रस्ताव कहा गया. प्रस्ताव में मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों को स्वायत्त इकाइयों के रूप में संगठित करने की मांग थी. प्रस्ताव से पहले जिन्ना ने लगभग दो घंटे का आक्रामक भाषण दिया.   Read More ...

free visitor counters