यूट्यूब से पढ़ाई, घर से तैयारी, समाज के तानों से तपकर मजदूर की बेटी बनी आईएएस, पूरे गांव में जश्न
UPSC Result 2025: सपनों की उड़ान अक्सर संसाधनों से नहीं बल्कि हौसलों से तय होती है. दरभंगा के एक छोटे से गांव की बेटी डॉ नरगिस परवीन ने यही साबित किया है. मजदूर माता पिता की बेटी ने कठिन हालात के बीच पढ़ाई जारी रखी और पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 51वीं रैंक हासिल कर पूरे इलाके को गौरवान्वित कर दिया.दरभंगा.सिंघवाड़ा प्रखंड के बहुआरा बुजुर्ग गांव की बेटी डॉ. नरगिस परवीन ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में पहले ही प्रयास में 51वीं रैंक हासिल कर पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है. शुक्रवार को परिणाम जारी होते ही गांव और परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. डॉ. नरगिस परवीन मजदूर मो. साजिद और समीदा खातून की बेटी हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया. नरगिस चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं. माता-पिता ने मजदूरी कर बेटी को पढ़ाया और आज उनकी मेहनत रंग लाई है. बताया कि एक समय ऐसा भी था जब मोहल्ले और गांव के कुछ लोग ताना मारते थे कि मजदूर की बेटी अफसर नहीं बन पाएगी. लेकिन नरगिस ने उन सभी तानों को अपनी मेहनत से जवाब दिया और आज आईएएस बनकर पूरे समाज के लिए मिसाल बन गई हैं.नरगिस ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार को दिया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई की और यूट्यूब के माध्यम से तैयारी कर पहले ही प्रयास में यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त की. वर्तमान में वह डीएमसीएच में कार्यरत हैं और नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखकर यह उपलब्धि हासिल की है.परिणाम आने के बाद भाई मो. दुलारे, मो. निराले, मो. फैसल समेत पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. गांव में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. डॉ. नरगिस परवीन ने कहा कि उनका सपना देश की सेवा करना था और अब आईएएस बनकर उन्हें यह अवसर मिला है. उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और हौसले के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है.डॉ. नरगिस परवीन ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर बाधा को पार किया जा सकता है. नरगिस की सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं. उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मेहनत एक दिन जरूर रंग लाती है. Read More ...
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