हैदराबाद की गलियों में छीनी-हथौड़ी की चोट और मेहनत, ऐसे साकार होती है लकड़ी पर पीढ़ियों पुरानी नक्काशी

Image credit: Internet

हैदराबाद की पुरानी गलियों में छेनी-हथौड़ी की गूंज सदियों पुराने काष्ठशिल्प की कहानी कहती है. मुस्लिम कारीगरों के हाथों से हिंदू परिवारों के पूजा मंदिरों से लेकर चर्चों के विशाल दरवाज़े और फर्नीचर तक तैयार होते हैं. जोखिम, मेहनत और बारीकी से भरे इस हुनर में लकड़ी सिर्फ आकार नहीं लेती, बल्कि हैदराबाद की गंगा-जमुनी तहज़ीब, भाईचारे और साझा विरासत की तस्वीर भी उभरती है.   Read More ...

free visitor counters