रोहतास: गुरु तेग बहादुर से जुड़ा 400 साल पुराना पेड़, फल खाने विदेश से पहुंचते हैं श्रद्धालु

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सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर वर्ष 1666 में सासाराम आए थे. उसी दौरान उन्होंने गुरुद्वारा परिसर में इस बेर के पेड़ का रोपण किया था. तभी से यह पेड़ धार्मिक आस्था का प्रतीक होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर भी बन गया है. इतने वर्षों के बाद भी इसका हरा-भरा और फलदार बने रहना लोगों के लिए आश्चर्य का विषय है.   Read More ...

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