Rubika Liyaquat Show: एक झटके में बढ़ गए दाम… आखिर किस संकट ने भारत की जेब पर हमला कर दिया?

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Rubika Liyaquat Show: वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव का असर अब सीधे भारत की आम जिंदगी पर दिखने लगा है. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई को प्रभावित कर दिया है, और इसका सीधा असर अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले ही देशवासियों से ऊर्जा और विदेशी मुद्रा की बचत करने की अपील की थी, खासकर क्रूड ऑयल और सोने जैसी आयात पर निर्भर चीजों को लेकर. उस समय कई विशेषज्ञ भी चेतावनी दे रहे थे कि वैश्विक हालात बिगड़ सकते हैं और इसका असर भारत पर पड़ेगा और अब वही स्थिति सामने आ रही है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में लगभग 3 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो मार्च 2022 के बाद सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है. इसके साथ ही थोक महंगाई दर में भी तेज बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे ट्रांसपोर्ट, एलपीजी, दूध, सीएनजी और यहां तक कि सोने-चांदी की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में जारी युद्ध है, जिसने वैश्विक तेल सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है. खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ने से तेल की सप्लाई पर सीधा असर पड़ रहा है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर आता है. इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर से भी ऊपर पहुंच गई हैं. इस बढ़ती कीमत का असर भारतीय तेल कंपनियों पर भी पड़ा है, जिनका नुकसान अरबों रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक माहौल भी गर्म है, जहां विपक्ष महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है.   Read More ...

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